वेब सीरीज ‘Paatal Lok’ के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की क्यों हो रही मांग, यह है वजह

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नई दिल्लीः इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने मंगलवार को क्राइम पर आधारित वेब सीरीज ‘पाताल लोक’ (Paatal Lok) के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था. यह सीरीज अभिनेत्री अनुष्का शर्मा की कंपनी क्लीन स्लेट फिल्म्स ने निर्मित की है. फिलहाल, यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम पर दिखाई जा रही है.

केन्द्र सरकार के सक्षम अधिकारियों से लें मदद

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि वह केंद्र सरकार के सक्षम अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखें. यह भी विचार था कि यदि याचिकाकर्ता चार सप्ताह के भीतर अपने मामले की अगुआई करता है, तो संबंधित अधिकारियों के सामने मामले को उठाना चाहिए. इसे नियम के तहत लिया जाना चाहिए. मुख्य जज गोविंद माथुर और जज सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने एडवोकेट संगीता गुप्ता द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई की. याचिका में कहा गया था कि वेब सीरीज वास्तविकता के परे जाकर सनातन धर्म के सिद्धांतों को दर्शा रही है.

इसमें यह भी उल्लेख है कि यह वेब सीरीज आर्टिकल 25 और 26 में दर्ज हमारे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है. हालांकि, अदालत ने यह कहते हुए याचिका को किनारे कर दिया कि याचिकाकर्ता को पहले केंद्र सरकार के सक्षम अधिकारी से अपनी शिकायत करनी चाहिए.

इससे पहले, मई में, यूपी के एक भाजपा विधायक ने अनुष्का शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में कहा गया था कि उनके शो में उनकी अनुमति के बिना उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया था.

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर की एक तस्वीर का इस्तेमाल ‘पाताल लोक’ के एक सीन में किया गया है. इस सीन में एक राष्ट्रीय राजमार्ग का उद्घाटन दिखाया गया है. सिर्फ नंदकिशोर ही नहीं, बल्कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर सहित कई भाजपा नेताओं की तस्वीरों का उपयोग किया गया है.

हिंदू संगठनों की छवि नकारात्मक दिखाने का आरोप

गुर्जर ने यह भी मांग की कि सांप्रदायिक उन्माद को बढ़ाने के लिए अनुष्का के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए. विधायक की शिकायत में लिखा है कि यह शो सनातन धर्म और विभिन्न हिंदू संगठनों में नकारात्मक ढंग से जातियों को दिखाता है, जो ‘राष्ट्र-विरोधी’ है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यह गुर्जर को डकैतों और उन लोगों की तरह दिखाता है जो कुप्रथाओं से जुड़े हैं.

जातियों के बीच मतभेद बढ़ा रहा शो

बहुत कुछ गोरखा समुदाय के दावों की तरह, गुर्जर ने इस शो में जातिगत दासों के उपयोग का भी आरोप लगाया है. इससे यह संदेश जा रहा है कि समाज की कुछ जातियां निम्न दर्जे की हैं. उन्होंने आगे उल्लेख किया कि यह शो देश की अनेक जातियों के बीच मतभेद पैदा करता है. यह शो भाजपा की छवि को खराब करने की कोशिश करता है और पाकिस्तान की एक आतंक-मुक्त छवि बनाने की कोशिश करता है, जो दुनिया की नजर में भारत का अपमान है.





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