टीम इंडिया की कमजोर प्लेइंग इलेवन, क्या टीम मैनेजमेंट को नहीं है हार का डर?

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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद मेलबर्न टेस्ट में भारतीय टीम को वापसी करनी होगी. विराट कोहली (Virat Kohli) की गैरमौजूदगी में टीम के उपर काफी दवाब होगा, ऐसे में टेस्ट सीरीज को बराबर करने के लिए मेहमान टीम को एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा. हालांकि टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन देखकर ऐसा नहीं लगता कि टीम मैनेजमेंट को हार का डर है. 

टीम इंडिया का कमजोर बैटिंग लाइन अप

खराब फॉर्म में चल रहे पृथ्वी शॉ को टीम से बाहर कर दिया गया है. अब शुभमन गिल और मयंक अग्रवाल की जोड़ी ओपनिंग करेगी. जिसके बाद टेस्ट स्पेशलिस्ट चेतेश्वर पुजारा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे. चौथे नंबर में विराट कोहली मैदान पर उतरते थे, लेकिन अब उनकी जगह अजिंक्य रहाणे लेंगे. जिसके बाद बल्लेबाजी करने पंत, हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) और जडेजा आएंगे. 

मतलब टीम में विराट कोहली (Virat Kohli) की जगह किसी अनुभवी बल्लेबाज को शामिल नहीं किया गया है. जबकि टीम के पास कोहली की जगह केएल राहुल (KL Rahul) को आजमाने का अच्छा मौका था और हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) को इस मैच में आराम दिया जा सकता था. 

केएल राहुल ने भारतीय टीम के लिए अब तक 36 टेस्ट खेले हैं जिसमें उन्होंने 2006 रन बनाए हैं. इस दौरान राहुल ने 5 शतक और 11 अर्धशतक जड़े हैं. जबकि विहारी ने खेले गए 10 मैचों में 576 रन बनाए हैं. जिस दौरान उन्होंने 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाए हैं.

एक मैच के प्रदर्शन पर साहा टीम से बाहर 

इस प्लेइंग इलेवन को देखकर टीम मैनेजमेंट पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) एडिलेड टेस्ट में कुछ खास नहीं कर सके थे, उन्होंने पहली पारी में 16 रन बनाए और दूसरी में 8 रन. ऐसे में उनकी जगह केएल राहुल (KL Rahul) को मौका दिया जा सकता था, जो उनसे काफी ज्यादा अनुभवी हैं.

शायद हनुमा विहारी को टीम एक और मौका देना चाह रही हो, लेकिन फिर सवाल ये उठता है, कि ये मौका साहा (Wriddhiman Saha) को क्यों नहीं दिया गया. 

महज एक मैच में प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उनकी जगह पंत को प्लेइंग इलेवन में चुना गया. जबकि साहा का अनुभव पंत से कही ज्यादा है. 

गंभीर ने टीम मैनेजमेंट पर लगाए आरोप

साहा (Wriddhiman Saha) को टीम से बाहर करने के इस फैसले पर गौतम गंभीर ने भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है भारतीय टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों में ‘असुरक्षा’ पैदा कर दी है.

उन्होंने कहा कि अगर पंत अगले दो मैचों में नाकाम रहते हैं, तो क्या उनके साथ भी यही सलूक किया जायेगा? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि साहा ने श्रृंखला में बस एक टेस्ट खेला और उसे बाहर कर दिया गया’.





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